Category: Reports

काटेरी तारेच्या पलीकडल्या बातम्या – काश्मीरमधील माहिती-बंदी

“जेव्हा जिवावर बेतते, तेव्हा विश्वासार्हता मागे पडते” वार्ताहारद्वयी लक्ष्मी मूर्ती आणि गीता शेषू या नेटवर्क ऑफ वुमेन इन मिडीया आणि फ्री स्पीच कलेटीव्ह च्या संयुक्त संपादक आहेत. या दोन्ही संस्था या स्वयंसेवी आणि बाहेरील अर्थ सहाय्या शिवाय काम करतात. या दोघी ऑगस्ट 30 ते सप्टेंबर 3, 2019 या […]

कंटीली तारों से घायल खबर : कश्मीर की सूचनाबंदी – 6 (अंतिम)

Republished Part 6 of the Hindi translation of the report News Behind the Barbed Wire: Kashmir’s Information Blockade Courtesy बैठे-ठाले (Click here for Part I ,  Part II , Part III , Part IV  and Part V) एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट अनकही कहानियां स्थानीय मीडिया प्रताड़ना से बचने के लिए […]

कंटीली तारों से घायल खबर : कश्मीर की सूचनाबंदी – 5

Republished Part 5  of the Hindi translation of the report News Behind the Barbed Wire: Kashmir’s Information Blockade Courtesy बैठे-ठाले (Click here for Part I ,  Part II , Part III and Part IV ) एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट कश्मीर में इन्टरनेट शटडाउन कश्मीर के लिए इन्टरनेट शटडाउन कोई अनोखी […]

कंटीली तारों से घायल खबर : कश्मीर की सूचनाबंदी – 4

Republished Part 4  of the Hindi translation of the report News Behind the Barbed Wire: Kashmir’s Information Blockade Courtesy बैठे-ठाले (Click here for Part I ,  Part II and Part III ) (एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट) स्थानीय मीडिया की उपेक्षा पत्रकारों ने प्रशासन के दिल्ली से आने वाले ‘राष्ट्रीय’ पत्रकारों […]

कंटीली तारों से घायल खबर : कश्मीर की सूचनाबंदी – 3

Republished Part 3 of the Hindi translation of the report News Behind the Barbed Wire: Kashmir’s Information Blockade Courtesy बैठे-ठाले (Click here for Part I and for Part II) (एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट) हमारी तहकीकात की प्रमुख बातें: सेंसरशिप और समाचारों पर नियंत्रण हालांकि कोई अधिकारिक सेंसरशिप या बैन लागू […]

कंटीली तारों से घायल खबर : कश्मीर की सूचनाबंदी – 2

Courtesy : https://baithethaley.blogspot.com/2019/09/2.html Click here for Part I (एनडब्ल्यूएमआई-एफएससी रिपोर्ट) गिरफ्तारियां, धमकियाँ और जांच त्राल से इरफ़ान मलिक पहले पत्रकार थे जिन्हें 5 अगस्त की बंदी के बाद हिरासत में लिया गया। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें आखिर क्यों हिरासत में लिया गया। एक और पत्रकार क़ाज़ी […]